तपस्या
लोग कहते हैं की हम बड़ी तपस्या करते हैं , तपस्या का अर्थ सिर्फ पूजा पाठ से नहीं सैक्रिफाइस, संतोष से भी हैl हमें अपने जीवन मैं भी ऐसे आचरण ग्रहण करने चाहिए , हमेशा अपने बारे में ही ना सोचे बल्कि दूसरों का भी सोचना चाहिए। और हमेशा याद रखना चाहिए की अपना काम सही करने के लिए दूसरे को नुकसान तो नही हो रहा। क्योंकि जब हम अपने स्वार्थ को देखते है तो ज्यादातर हम किसी से कुछ छपते हैं जो की हमेशा आपको खटकता है। तो याद रहे हम किसी का दिल ना दुखा रहे हों।
***
No comments:
Post a Comment